कोलारस। कोलारस से आगरा भेजी गई 250 क्विंटल सरसों के गबन मामले में तेंदुआ थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने करीब 29 लाख रुपए कीमत का ट्रक और बची हुई सरसों बरामद कर ली है। इस कार्रवाई से व्यापारी वर्ग में राहत की भावना है, वहीं पुलिस अब गबन की गई शेष उपज और उससे प्राप्त रकम का हिसाब-किताब जुटाने में लगी हुई है।
मुखबिर की सूचना बनी सफलता की कुंजी
तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ ने बताया कि पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी बची हुई सरसों को बेचने की तैयारी में है और ट्रक के साथ क्षेत्र से गुजर सकता है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और एनएच-27 पर खरई एवं कस्बाथाना के बीच रणनीतिक घेराबंदी कर दी गई।
जैसे ही संदिग्ध ट्रक मौके पर पहुंचा, पुलिस ने उसे रोक लिया। जांच के दौरान ट्रक में सरसों भरी मिली और चालक की पहचान धौलपुर (राजस्थान) निवासी रामब्रज गुर्जर के रूप में हुई। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
ट्रक सहित 29 लाख का मशरूका बरामद
पुलिस के अनुसार जब्त किया गया ट्रक (RJ 11 GA 9297) करीब 22 लाख रुपए कीमत का है। ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें लगभग 100 क्विंटल सरसों भी बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 7 लाख रुपए आंकी गई है।
इस प्रकार पुलिस ने कुल 29 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। हालांकि व्यापारी द्वारा भेजी गई कुल 250 क्विंटल सरसों में से केवल 100 क्विंटल ही बरामद हो सकी है। शेष 150 क्विंटल सरसों कहां और किसे बेची गई, इसकी जांच जारी है।
मार्च में भेजी गई थी आगरा की खेप
जानकारी के अनुसार कोलारस निवासी व्यवसायी अनीता गुप्ता ने अपनी फर्म बुलबुल इंटरप्राइजेज से 21 मार्च 2026 को 250 क्विंटल सरसों आगरा स्थित महेश एडिबल ऑयल मिल्स के लिए रवाना की थी। ट्रक निर्धारित गंतव्य तक पहुंचना था, लेकिन माल आगरा नहीं पहुंचा।
काफी समय तक ट्रक और माल का कोई पता नहीं चलने पर व्यापारी पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कोलारस थाने में ट्रक मालिक रामब्रज गुर्जर और उसके भाई श्रीकेश गुर्जर के खिलाफ अमानत में खयानत और गबन का मामला दर्ज किया गया था।
जांच में सामने आया तीसरा आरोपी
पुलिस जांच आगे बढ़ी तो मामले में एक और नाम सामने आया। अधिकारियों के अनुसार रामकेश गुर्जर, जो मुख्य आरोपी रामब्रज गुर्जर का रिश्तेदार (बुआ का लड़का) है, इस पूरे प्रकरण में संदिग्ध भूमिका निभाता पाया गया है। पुलिस को आशंका है कि पहले बेची गई सरसों के सौदों में रामकेश ने सहयोग किया था। इसी आधार पर उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया है और उसकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
एक आरोपी अभी भी फरार
मामले में नामजद आरोपी श्रीकेश गुर्जर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस टीम उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रकम और खरीदारों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नहीं हुई सरसों को किन लोगों को बेचा गया और उससे प्राप्त रकम कहां खर्च की गई। मुख्य आरोपी से पूछताछ के आधार पर कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि आरोपी नेटवर्क के जरिए माल को अलग-अलग स्थानों पर खपाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। कोलारस के चर्चित सरसों गबन मामले में हुई इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि तीन माह पुराने इस प्रकरण में पहली बार बड़ी बरामदगी और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।

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